दिल्ली की जनता कहाँ मूते ? 10 रूपया रिश्वत देकर सुलभ शौचालय में या मुफ्त में सुलभ शौचालय के बाहर ?

 मैंने 10 रुपये देकर सही करा या गलत ये तो सोचने वाली बात है.

घटना आज (25 मई 2015 ) सुबह  तीस हज़ारी कोर्ट के सामने खन्ना मार्किट के सुलभ शौचालय की है. तस्वीर में जो बाँदा पीली टी-शर्ट पहने हुए है वो इस सुलभ शौचालय का इंचार्ज है. जब मैंने इस से पेशाब जाने की बात की तो कहने लगा हम किसी को यहाँ मूतने नहीं देते सिर्फ शौच करने देते हैं. अब तू शौच कर या शु शु देने तो तुझे दस रुपये ही पड़ेंगे नहीं तो फ्री में मूतना है तो दिवार पर जाकर कर ले वहां पैसे नहीं लगेंगे. मैंने दस रुपये देकर मोदी जी के स्वच्छ भारत अभियान को कामयाब बनाये रखने के लिए सुलभ शौचालय का उपयोग किया लेकिन रस्ते में मोदी जी की दूसरी बात याद आ गयी रिश्वत लेना और देना दोनों अपराध है. अब आप ही बताओ  मैंने 10 रुपये देकर सही करा या गलत ? इस मैसेज को ज़यादा से ज़यादा शेयर करें ताके मुझे इसका उत्तर किसी बड़े अधिकारी या नेता से मिल सके.

(Rs. 10 for Pee)

(FREE Pee)

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